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में शायर नही था में तो एक नादान परिंदा था।


में शायर नही था में तो एक नादान परिंदा था।

तुझ जैसे फूल को देखा, तबसे बदनाम परिंदा हों।


जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है,

रात होती है तो आँखों में उतर आता है,

मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं,

वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है !
तेरे मिलने से कुछ ऐसी ……..

बात_हो_गयी
कुछ भी न था मेरे पास……

जिंदगी_से_मुलाकात_हो_गयी...🍁

होती नहीं है मोहब्बत सूरत से;

मोहब्बत तो दिल से होती है;


सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी

कदर जिनकी दिल में होती है।

💞 😉


डरता हूँ ये कहने से की पसंद हो तुम मुझे,

मेरी जिन्दगी बदल देगा तेरा इन्कार भी और इकरार भी !!


चले आओ पास मेरे अब ये दूरियां बुलाती है

जाने क्यों अब ये बिस्तर की सिलवटे भी सताती है

तेरे सांसो की खुशबू आज भी हमारे शहर में है

जो अक्सर ये गुजरती हवाएं मुझे यूँ ही बताती है

हर शख्स को दिवाना बना देता है इश्क

जन्नत की सैर करा देता है इश्क

दिल के मरीज हो तो कर लो महोब्बत

हर दिल को धड़कना सिखा देता है इश्क !!!

सदियों का रतजगा मेरी रातों में आ गया,

मैं एक हसीन शख्स की बातों में आ गया।

वो किताब लौटाने का बहाना तो लाखों में था,

लोग ढूढ़ते रहे सबूत, पैगाम तो आँखों में था।

आज मुझे ये बताने की इजाज़त दे दो,

आज मुझे ये शाम सजाने की इजाज़त दे दो,

अपने इश्क़ मे मुझे क़ैद कर लो,

आज जान तुम पर लूटाने की इजाज़त दे दो.

तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे,

तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,

तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे,

तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।

न जिद है न कोई गुरूर है हमे,

बस तुम्हे पाने का सुरूर है हमे,

इश्क गुनाह है तो गलती की हमने,

सजा जो भी हो मंजूर है हमे।

“छुप छुप कर क्यूँ पढ़ते हो…… अल्फ़ाजों को मेरे…

सीधे दिल ही पढ़ लो…… सांसों तक तुम ही हो..😊 😉”

“कुछ कहना चाहो तो अलफ़ाज़ ना मिलें..

आशिकों के साथ अक्सर ये इत्तेफ़ाक़ होता है..😘😘😘😘”

“❌ना_ #महीनो_ की_ गिनती_ है_

      ❌ना_ #सालो_ का_ हिसाब_ है_ 
😘#मोहोब्बत_ आज_ भी_

       👩#तुमसे_ बेपनाह_ बेहिसाब_ है_😂😂\n"

“किन अल्फाजों में कहूँ कि मुझे तुम्हारी आदत हो गई है..!!

ये खूबसूरत मोहब्बत तेरी अब मेरी इबादत हो गई है….!!!!”

“सराफत की कसम मेरी , वो तुझपे टूट जाती है

चमकते आँख देखूँ तो , तारीफें छूट जातीं है

कोसती नजरें मुझको यूं तेरे दीदार की खातिर

जो फूल सा रूप न देखू , धड़कनें रूठ जाती हैं।”

“💞 तेरा मेरा रिश्ता इतना खास हो जाये

,कि तू दूर रहकर भी मेरे पास हो जाये

मन से मन का तार जुड़े कुछ इस तरह*

कि दर्द हमें हो और अहसास तुम्हे हो जाए..”

ना कभी बदले ये लम्हे

ना बदले कभी ख्वाइशे हमारी

हम दोनों ऐसी ही एक दुसरे के रहे

जैसे तुम चाहत मेरी, और में ज़िन्दगी तुम्हारी