सांसो का पिंजरा किसी दिन टूट जायेगा,
ये मुसाफिर किसी राह में छूट जायेगा,
अभी जिन्दा हु तो बात कर लिया करो,
क्या पता कब हम से खुदा रूठ जायेगा ।
बड़ी आसानी से दिल लगाए जाते हैं,
पर बड़ी मुश्किल से वादे निभाए जाते हैं,
ले जाती है मोहब्बत उन राहों पर,
जहाँ दीये नहीं दिल जलाए जाते हैं ।
कभी रूत ना जाना मुझे मनाना नहीं आता,
कभी दूर ना जाना मुझे पास बुलाना नहीं आता,
अगर तुम भूल जाओ तो वो तुम्हारी मर्जी,
हमें तो भूल जाना भी नहीं आता।
तेरे बिना ज़िंदगी अधूरी है यारा,
तुम मिल जाओ तो ज़िंदगी पूरी है यारा,
तेरे साथ ज़िंदगी की सारी खुशिया,
दुसरो के साथ हसना तो मज़बूरी है यारा।
मेरी दोस्ती की कहानी आपसे है,
इन साँसों की रवानी आपसे है,
ऐ दोस्त मुझे कभी बुला ना देना,
इस दोस्त ली ज़िंदगानी आपसे है ।
तेरे मिलने की आस न होती,
तो ज़िंदगी इस तरह उदास न होती,
मिल जाती कभी तस्वीर जो तेरी,
तो हमको आज तेरी तलाश न होती ।
सामने मंजिल तो रास्ते ना मोड़ना,
जो मन मे हो वो ख़्वाब ना तोड़ना,
हर कदम पर मिलेगी सफ़लता,
बस आसमान छूने के लिए जमीन ना छोड़ना ।
मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी..
बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी..
खुदा से दुआ मांगी मरने की..
लेकिन उसने भी तड़पने के लिए ज़िन्दगी दे दी ।
इश्क हमें जीना सिखा देता है,
वफा के नाम पर मरना सिखा देता है,
इश्क नहीं किया तो करके देखो जालिम,
हर दर्द सहना सीखा देता है ।
प्यार में मौत से डरता कोन है,
प्यार हो जाता है करता कोन है,
आप जैसे यार पर हम तो क्या सारी दुनियां फिदा है,
लेकिन हमारी तरह आप पर मरता कौन है ।
जिस दिन आप ज़मीन पर आए..
वो आसमान भी खूब रोया था,
आखिर उसके आंसू थमते भी कैसे उसने हमारे
लिये अपना सबसे प्यारा सितारा खोया था ।
हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे,
कभी चाहा किसी ने खुद तुम कहोगे,
हम ना होंगे तो ये आलम ना होगा,
मिलेंगे बहुत से पर हम सा कोई पगल ना होगा ।
दुनियां बहुत मतलबी है, साथ कोई क्यों देगा,
मुफ़्त का यहाँ कफन नही मिलता,
तो बिना गम के प्यार कौन देगा ।
दर्द बन कर दिल में छुपा कौन है,
रह रह कर इसमें चुभता कौन है,
एक तरफ दिल है और एक तरफ आइना,
देखते है इस बार पहले टूटता कौन है ।
पत्ते गिर सकते है पर पेड़ नहीं,
सूरज दुब सकता है पर आसमान नहीं,
धरती सुख सकती है पर सागर नहीं,
तुम्हे दुनिया भूल सकती है पर हम नहीं ।
दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी,
वो प्यार है ही इतना प्यारा,
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी ।
हर पल यही सोचता रहा,
कि कहा कमी रह गयी थी मेरी चाहत में,
उसने इतनी शिदत्त से मेरा दिल तोड़ा,
कि आज तक नहीं संभल पाए ।
चाहा ना उसने मुझे बस देखता रहा,
मेरी ज़िंदगी से वो इस तरह खेलता रहा,
ना उतरा कभी मेरी ज़िंदगी की झील में,
बस किनारे पर बैठा पथर फेंकता रहा ।
दिल के समुन्दर में एक गहराई है,
उसी गहराई से तुम्हारी याद आई है,
जिस दिन हम भूल जाये आपको
समझ लेना हमारी मोत आई है ।
अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल,
अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल,
अब किसी दिलासे की जरूरत नही है,
क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल ।
दिल मे आरज़ू के दिये जलते रहेगे,
आँखों से मोती निकलते रहेगे,
तुम शमा बन कर दिल में रोशनी करो,
हम मोम की तरह पिघलते रहेंगे ।
भूलकर हमें अगर तुम रहते हो सलामत,
तो भूलके तुमको संभालना हमें भी आता है,
मेरी फ़ितरत में ये आदत नहीं है वरना,
तेरी तरह बदल जाना मुझे भी आता है ।
तेरे ख्यालों से धड़कन को छुपा के देखा है,
दिल और नजर को बोहुत रुला के देखा है,
तेरी कसम तो नहीं तो कुछ नहीं,
क्यूंकि मैंने कुछ पल तुझे भुला के देखा है ।
कितना बुरा लगता है,
जब बादल हो और बारिश ना हो,
जब जिंदगी हो और पैर ना हो,
जब आंखे हो और ख़्वाब ना हो,
जब कोई अपना हो और कोई पास ना हो ।
तरा था चाँद हमारे आँगन में भी,
पर वो सितारों को गबारा नही था,
हम तो सितारों से भी बगाबत कर लेते,
पर वो चाँद ही हमारा नही था।
बहुत अजीब दर्द हो है न जब याद आती है..?
आवाज तो नही होती पर दिल की धड़कन बढ़ जाती है,
आँखों के रास्ते चमकते मोती गिरने लगते है,
अगर उस पल दवा लु तो जैसे जान निकल जाती है।
जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें,
हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें,
मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमरी,
क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं ।
मोहब्बत के बाद मोहब्बत करना तो मुमकिन है,
लेकिन किसी को टूट कर चाहना, वो ज़िन्दगी में एक बार ही होता है ।
वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो
, वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो,
कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको,
क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो ।
तुमने कहा था आँख भर कर देख लिया करो मुझे,
पर अब आँख भर आती है, और तुम नज़र नहीं आते हो ।
कभी जो कह्ते थे हमे की मेरी ज़िन्दगी हो तुम,
आज वो हमे कह्ते है की एक बेवफा हो तुम,
कभी जिस के लिए ज़िन्दगी जीने की वजह थे हम,
आज वो कह्ते है की एक सजा हो तुम ।
मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख़्वाब नही।
ये वो अदा है जिसमें हर कोई कामयाब नही।
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है।
मगर जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नही ।
मेरी बर्बादी पर तो कोई मलाल न करना,
भूल जाना मेरा ख्याल न करना,
हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे,
पर तुम मेरी लाश से कोई सवाल मत करना ।
हकीकत जान लो जुदा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनाने से पहले,
ये सोच लेना भुलाने से पहले,
बहुत रोई हैं आँखें मुस्कुराने से पहले ।
यूँ तो हर दिल में एक कशिश होती है,
हर कशिश में एक खुवाहिश होती है,
मुमकिन नहीं सभी के लिए ताज महल बनाना,
लेकिन हर दिल में एक मुमताज़ होती है ।
दर्द को दर्द अब होने लगा है,
दर्द अपने गम पे खुद रोने लगा है,
अब हमें दर्द से दर्द नही लगेगा,
क्योंकि दर्द हमको छू कर खुद सोने लगा है ।
