हर धड़कन में एक राज़ होता है,
बात को बताने का भी एक अंदाज़ होता है,
जब तक ना लगे ठोकर बेवाफ़ाई की,
हर किसी को अपने प्यार पर नाज़ होता है।
जो कहते थे हमसे हैं तेरे सनम,
वो दगा दे गए देखते देखते,
देते मोहब्बत का इनाम क्या,
वो सजा दे गए देखते देखते,
सोचता हूँ कि वो कितने मासूम थे,
जो बेवफा हो गए देखते देखते।
शाम भी उसके जैसी होगी,
जाने वो कैसी होगी,
में भी यहा पर रोता हूँ,
खुद भी शायद रोती होगी।
खा कर ज़ख़्म दुआ दी हमने,
बस यूही उमर बीता दी हमने,
देख कर जिसको दिल दुखता था,
आज वो तस्वीर जला दी हमने।
बेवफाई उसके दिल से मिटा के आया हूँ,
ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ,
कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,
इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।
हर धड़कन में एक राज होता है
बात को बताने का भी एक अंदाज होता है
जब तक ना लगे ठोकर बेवाफाई की तब
तक हर किसी को अपने प्यार पर नाज होता है।
पुछेगा अगर खुदा तो कहूँगी,
हाँ हुई थी मुहब्बत मगर जिसके साथ हुई वो उसके काबिल ना था।
प्यार की भाषा उस शख्स को कैसे समझाऊँ,
नफरत की आग लगी है, उसके सीने में,
इन आँसूओ से कैसे बुझाऊँ...?
इल्जाम न दे मुझको तूने ही सिखाई बेवफाई है,
देकर के धोखा मुझे मुझको दी रुसवाई है,
मोहब्बत में दिया जो तूने वही अब तू पाएगी
पछताना छोड़ दे तू भी औरों से धोखा खायेगी।
एक दिन हम आपसे इतनी दूर हो जाएँगे,
के आसमान के इन तारो मे कही खो जाएँगे,
आज मेरी परवाह नही आपको,
पर देखना एक दिन हद से ज़्यादा… हम आपको याद आएँगे।
एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे,
हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे,
जितना जी चाहे सतालो यारो,
एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे।
हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी,
हसरते सारी दिल में ही मर गयी,
चल पड़ी वो जब से बैठ के डोली में,
हमारी तो जीने की सारी तमन्ना ही मर गयी।
वो पानी की लहरों पे क्या लिख रहा था,
खुदा जाने वो क्या लिख रहा था,
मोहब्बत में मिली थी नफरत उसे भी शायद,
इसलिए हर शख्स को शायद बेवफा लिख रहा था।
मैंने प्यार किया बड़े होश के साथ,
मैंने प्यार किया बड़े जोश के साथ,
पर हम अब प्यार करेंगे बड़ी सोच के साथ,
क्योंकि कल उसे देखा मैंने किसी और के साथ।
पहले जिंदगी छीन ली मुझसे,
अब मेरी मौत का भी वो फायदा उठाती है,
मेरी कब्र पे फूल चढाने के बहाने,
वो किसी और से मिलने आती है।
सब कुछ मिला बस खुदाई के सिवा,
ज़िंदगी बहुत पसंद आई रुसवाई के सिवा,
मेरी चाहत का एहसास भी न होगा,
उसकी हर अदा पसंद आई बेवफ़ाई के सिवा।
मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,
जरुरी नहीं की वो बेवफा होता है,
दे कर वो आपकी आँखों में आँसू,
अकेले में आपसे भी ज्यादा रोता है।
हर पल कुछ सोचते रहने की आदत हो गयी है,
हर आहट पे चौंक जाने की आदत हो गयी है, तेरे इश्क़ में ऐ बेवफा,
हिज्र की रातों के संग, हमको भी जागते रहने की आदत हो गयी है।
सर झुकाओगे तो पत्थर भी देवता हो जाएगा!
इतना मत चाहो उसे वो बेवफा हो जाएगा।
अंजाने में हम अपना दिल गवां बैठे,
इस प्यार मे कैसा धोखा कर बैठे,
उनसे क्या गिला करे भूल हमारी थी,
जो बिना दिलवालों से दिल लगा बैठे।
जिस किसीको भी चाहो वोह बेवफा हो जाता है, सर अगर झुकाओ तो सनम खुदा हो जाता है, जब तक काम आते रहो हमसफ़र कहलाते रहो, काम निकल जाने पर हमसफ़र कोई दूसरा हो जाता है।
बिखरे हुए दिल ने भी उसके लिए फरियाद मांगी
मेरी सांसो ने भी हर पल उसकी खुशी मांगी
जाने क्या मोहब्बत थी उस बेवफा में…
कि मैंने आखिरी फरियाद में भी उसकी वफा मंगी।
कहती है दुनिया जिसे प्यार, नशा है खताह है,
हमने भी किया है प्यार, इसलिए हमे भी पता है,
मिलती है थोड़ी खुशियाँ ज्यादा गम,
पर इसमें ठोकर खाने का भी कुछ अलग ही मज़ा है।
वो बेवफा हमारा इम्तेहान क्या लेगी मिलेगी नजरों से नजरें तो अपनी नजरें झुका लेगी उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना वो नादान है यारों, अपना हाथ जला लेगी।
ज़िंदगी से बस यही एक गिला है,
ख़ुशी के बाद न जाने क्यों गम मिला है,
हमने तो की थी वफ़ा उनसे जी भर के,
पर नहीं जानते थे कि वफ़ा के बदले बेवफाई ही सिला है।
जहाँ पर नफरतों के खुरदरे दस्तूर होते हैं,
वहाँ पर प्यार के किस्से बहुत मशहूर होते है,
ये रिश्तों के उजालों में चमकते और बुझते हैं, कहीं ये अश्क होते हैं कहीं सिन्दूर होते हैं।
वो निकल गए मेरे रास्ते से इस कदर कि,
जैसे कि वो मुझे पहचानते ही नहीं,
कितने ज़ख्म खाए हैं मेरे इस दिल ने,
फिर भी हम उस बेवफ़ा को बेवफ़ा मानते ही नहीं।
दिल तो करता है ख़तम कर दूँ ये दर्द से भरी ज़िन्दगी फिर
ख्याल आता है वो नफरत किस से करेंगे अगर हम ही न रहे इस जहाँ में।
कभी जो कह्ते थे हमे की मेरी ज़िन्दगी हो तुम,
आज वो हमे कह्ते है की एक बेवफा हो तुम,
कभी जिस के लिए ज़िन्दगी जीने की वजह थे हम,
आज वो कह्ते है की एक सजा हो तुम।
यू तो कोई तन्हा नहीं होता, चाह कर किसी से जुदा नहीं होता,
मोहब्बत को मजबूरियां ले डूबती है, वरना ख़ुशी से कोई बे वफ़ा नहीं होता।
हर हीरा चमकदार नहीं होता, हर समंदर गहरा नहीं होता,
दोस्तो जरा संभल कर प्यार करना, हर खूबसूरत चेहरा वफादार नहीं होता।
तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर में लेकिन,
जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा।
इश्क हमें जीना सिखा देता है, व
फा के नाम पर मरना सिखा देता है,
इश्क नहीं किया तो करके देखो जालिम,
हर दर्द सहना सीखा देता है ।
ये बेवफा वफा की कीमत क्या जाने,
ये बेवफा गम-ए-मोहब्बत क्या जाने जिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफर,
वो भला प्यार की कीमत क्या जाने।
सितारों से सज़ी रात होगी जब सज़ी उसकी बारात होगी,
यही सोच कर जागता हूँ रातों को, किसी गैर की बाँहों में मेरी क़ायनात होगी।
अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल,
अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल,
अब किसी दिलासे की जरूरत नही है,
क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल।
तेरे इश्क ने दिया सुकून इतना कि,
तेरे बाद कोई अच्छा न लगे…!!
तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर कि,
तेरे बाद कोई बेवफा न लगे।
मुझें छोड़कर वो खुश हैं, तो शिकायत कैसी,
अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो मोहब्बत कैसी।
