कुछ लोग कहते है की बदल गया हूँ मैं,
उनको ये नहीं पता की संभल गया हूँ मैं,
उदासी आज भी मेरे चेहरे से झलकती है,
पर अब दर्द में भी मुस्कुराना सीख गया हूँ मैं|
रोते रहे तुम भी, रोते रहे हम भी,
कहते रहे तुम भी और कहते रहे हम भी,
ना जाने इस ज़माने को हमारे इश्क़ से क्या नाराज़गी थी,
बस समझाते रहे तुम भी और समझाते रहे हम भी।
Koi Rasta Nahi Dua Ke Siva,
Koi Sunta Bhi Nahi Khuda Ke Siva,
Maine Zindagi Ko Kareeb Se Dekha Hai Dost,
Muskil Mein Koi Sath Nahi Deta Aansu Ke Siva
