तेरे रोज के वादों पे मर जायेंगे हम,
यूँ ही गुजरी तो गुजर जायेंगे हम।
मेरा कत्ल करने की उसकी साजीश तो देखो......
करीब से गुज़री तो चेहरे से पर्दा हटा लिया
भुला देंगे हम अपना गम सारा!
मिला दे रब जो हमको तुमसे दोबारा।
तेरी खूबसूरती की तारीफ में क्या लिखूं,
कुछ खूबसूरत शब्दों की अभी तलाश है मुझे...
जोश-ए-जुनूँ में लुत्फ़-ए-तसव्वुर न पूछिए,
फिरते हैं साथ साथ उन्हें हम लिए हुए।
छूह लो तुम यूं ज़रा सा
कि मैं मर भी जाऊं तो मुझसे तेरी खुशबू आये
दो बोल प्यार के क्या कमाल दिखाते है
लगते है दिल ❣ पर और चेहरे खिल जाते है
कभी जिंदगी के धागे टूट जाए तो.... दोस्तो के पास जाना।*
दोस्त हौसलों के दर्ज़ी होते है....
मुफ्त में रफू कर देते है
जन्नत की तलाश नही, मुझे इस राहे जिंदगी में,
जहाँ दिल से अपने मिल जाए, वही "जन्नत" बना लेंगे हम..!!
जिन्दगी की राहों में मुस्कराते रहो हमेशा,
उदास दिलों को हमदर्द तो मिलते हैं, हमसफ़र नहीं !!
आधे से कुछ ज्यादा है पूरे से कुछ कम...
कुछ ज़िन्दगी, कुछ इश्क, कुछ गम और कुछ हम..!!
टूट कर बिखर जाते हैं वो लोग मिटटी की दीवारों की तरह
जो खुद से भी ज्यादा किसी और से प्यार करते हैं
कौन कहता है अलग अलग रहते है हमतुम,,
हमारी यादों के सफ़र में हमसफ़र हो तुम…
आज़ाद कर दिया हे हमने भी उस पंछी को …,
जो हमारी दिल की कैद में रहने को तोहीन समजता था ..।
सुना है काफी पढ़ लिख गए हो तुम,
कभी वो बी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते !!
हर बार सम्हाल लूँगा गिरो तुम चाहो जितनी बार,
बस इल्तजा एक ही है कि मेरी नज़रों से ना गिरना...!!
ना जाने क्यों तुझे देखने के बाद भी,
तुझे ही देखने की चाहत रहती है..
उसकी हसरत है मुझे बर्बाद होते देखे,
और मेरी तमन्ना है की में आबाद हो जाऊ..
मैंने तो देखा था बस एक नजर के खातिर
क्या खबर थी की रग रग में समां जाओगे तुम
तू तब तक रूला सकती है हमें,
जब तक हम दिल मे बसाये हैं तुझे.
बात तो सिर्फ जज़्बातों की है
वरना
मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती..!!